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Bank FD में पैसे जमा करने से पहले जान लें उसके 5 नुकसान
 

Bank FD Interest Rate: हर कोई अपनी कमाई को बढ़ाना चाहता है। और ऐसे में लोगों एफडी में निवेश करने के बारे में सोचते हैं आज के युवा से लेकर सभी सीनीयर तक एफडी में निवेश करना पसंद करते हैं। अधिकतर लोगों का माना हैं एफडी पैसे को सुरिक्षत रखती हैं।लेकिन आप को बता दे की बैक में एफडी कराने के फायदें ही नहीं बल्कि ये 5 नुकसान •ाी होते हैं आइए जानते हैं पूरी खबर के बारे में।
 
 
Bank FD में पैसे जमा करने से पहले जान लें उसके 5 नुकसान

 Dainik Haryana News,fixed deposit Interest Rate 2024 (New Delhi): निवेस एक ऐसा शब्द है जिसके सुनीई देने के बाद दिमाग में सिर्फ  एक ही नाम आता है और वो है एफडी आमतौर पर लोग इसमें पैसा इन्वेस्ट भी करते हैं। लेकिन उन्होंने इसके नुकसानों के बारे में नहीं पता होता हैं। आज हम आप को एफडी निवेस के पांच नुकसानों के बारे में बताएंगे।

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1.    ब्याज पर देना होता है टैक्स( Tax has to be paid on interest)

एफडी पर मिलने वाले ब्याज को आप अपने अकाउंट में सीधे नहीं क्रेडिट करा सकते हैं। प्राप्त ब्याज पर पूरी तरह से टैक्स वसूला जाता हैं। जब आप अपना आईटीआर फाइल करते हैं तो एफडी से मिलने वाले ब्याज को एक इनकम के तौर पर काउंट किया जाता है और सरकार इसपर आपसे टैक्स लेती है।

2. टीडीएस पर टैक्स(Tax on TDS)

एफडी से मिलने वाले ब्याज पर भी टीडीएस लगता है। बैंक इसे प्रत्येक वर्ष के अंत में अर्जित ब्याज से घटते है। हालांकि, जमाकर्ता के पास भी टीडीएस  से बाहर निकलने और परिपक्वता पर सभी ब्याज का भुगतान करने का विकल्प होता है। फॉर्म 26एएस, जमाकर्ता के पैन कार्ड से जुड़ा हुआ है और एफडी के लिए किए गए सभी टीडीएस कटौतियों को दिखाता है।

ध्यान दें कि अगर एफडी जमाकर्ता की सालाना आय 2.5 लाख रूपये से अधिक नहीं हैं। तो एफडी के ब्याज से कोई टीडीएस नहीं काटा जाता हैं।  यह सुनिश्चित करने के लिए कि बैंक आपकी कम आय के बारे में जानता है, संबंधित बैंक शाखा में फॉर्म 15जी और फ्रॉम 15एच जमा करें।

3. कम ब्याज दर(Low interest rates)

जबकि एफडी आपको 10 प्रतिशत की अधिकतम ब्याज दर की पेशकश कर सकता है। कई बार इतना ब्याज भी नहीं मिलता है, जबकि म्यूचुअल फंड सहित अन्य अन्य निवेश के रास्ते रिटर्न की पेशकश करते हैं जो 20 प्रतिशत 30 प्रतिशत से अधिक हो सकते हैं। लेकिन म्युचुअल फंड के साथ  समस्या ये अधिक जोखिम से जुडै हुए हैं, जो अधिक जोखिम से जुडे हुए हैं जो अधिक जोखिम से हुई हैं। अधिक लाभ होता हैं।

4. ब्याज दर महंगाई से कम हो सकती है(Interest rates may be lower than inflation)


कभी-कभी महंगाई दर एफडी की ब्याज दर से भी अधिक हो सकती है। इतना ही नहीं अगर आप तय सीमा से पहले अपनी राशि बैंक से निकालते हैं तो एक पैसा भी आपको जमा राशि से अधिक बैंक के तरफ से नहीं दी जाती है।

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5. ब्याज दर में कोई वृद्धि नहीं( No increase in interest rates)


एफडी में पूरे कार्यकाल में एक समान ब्याज मिलता है, यानि आपको बैंक ने जितना पर्सेट देने का वादा किया है उससे एक भी रूपया अधिक नहीं देती हैं। एफडी पहले केवल छोटी अवधि की बचत के लिए अच्छी थी, लेकिन अब उनकी अवधि अधिक है। जबकि टैक्स-मुक्त विकल्प के लिए उसे नहीं काउंट किया जा सकता है। लेकिन पीपीएफ में निवेश टैक्स के दायरे से बाहर आता है।