Dainik Haryana News

Chanakya Nit: आर्य चाणक्य के अनुसार से हमेशा छुपा कर रखनी चाहिए अपनी यह बातें हमेशा करेंगे तरक्की

Chanakya Niti For Success: आचार्य चाणक्य ने अपनी अर्थशास्त्र में बहुत सी ऐसी बातें लिखी है जिनका पालन करने से व्यक्ति के जीवन में कई बदलाव देखने को मिलते हैं तथा व्यक्ति के लिए सफलता पाना आसान हो जाता है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी बातें बताई है जिन बातों को व्यक्ति को कभी भी किसी दूसरे के सामने जाहिर नहीं करनी चाहिए से व्यक्ति लगातार प्रगति की और विद्यमान रहता है।
 
Chanakya Nit: आर्य चाणक्य के अनुसार से हमेशा छुपा कर रखनी चाहिए अपनी यह बातें हमेशा करेंगे तरक्की


Dainik Haryana News: Chanakya Tips For Success Life(चंडीगढ़) चाणक्य नीति कहती है  कि कामयाब होने की काबिलियत हर किसी में होती है लेकिन कामयाबी का स्वाद हर कोई नहीं चख पता।
 

आचार्य चाणक्य  कहते हैं कि व्यक्ति की सफलता के मार्ग में ऐसी छोटी-छोटी बधाई आज खड़ी होती हैं जिनके बारे में कभी ध्यान भी नहीं दिया हो। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर सफलता का स्वाद चखना है तो दूसरों से हमेशा कुछ बातें छुपा कर रखनी ही होगी।

 

Read Also:  महिला की इस चीज पर जान वार देते हैं मर्द

1. चाणक्य कहते हैं कि मंजिल मिलने तक व्यक्ति को अपने लक्ष्य को किसी के सामने जाहिर नहीं करना चाहिए। चाणक्य कहते हैं कि आपने जिन लोगों को अपने लक्ष्य के बारे में बताया है एक न एक दिन वह आपकी कामयाबी के रास्ते में रोड़ा बनकर खड़े हो सकते हैं। अपने लक्ष्य  को दूसरों के सामने उजागर करने वाले व्यक्ति की सफलता का चांस कम हो जाता है, आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अपने लक्ष्य को किसी के सामने नहीं उजागर करना चाहिए।

अगर व्यक्ति लक्ष्य प्राप्ति से पहले किसी के सामने अपने लक्ष्य को उजागर कर देता है तो उसके लिए वह नुकसानदायक होता है कम हो जाते हैं। ऐसा करने से व्यक्ति आपके बारे में अपनी सोच को बदल देता है तथा के लक्ष्य प्राप्ति में वही व्यक्ति आड़े आ सकता है। इसीलिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति अगर सफलता पाना चाहता है तो उसे कभी भी किसी के सामने अपने लक्ष्य की जानकारी नहीं देनी चाहिए।

Read Also: महिलाओं को सबसे ज्यादा पसंद आते हैं इस तरह के पुरुष, देखते ही हो जाएगी इंप्रेस

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि को अपने लक्ष्य के बारे में अपने गहरे मित्र को भी नहीं बताना चाहिए क्योंकि मित्रता दुश्मनी में बदलते देर नहीं लगती और वही मित्र आपके लक्ष्य के सामने दुश्मन बनकर खड़ा हो सकता है। अपने लक्ष्य के बारे में खुद के सिवा किसी को भी नहीं बताना चाहिए जब तक उसकी प्राप्ति ना हो जाए। आचार्य  चाणक्य इसे ही सफलता पाने का एक मूल मंत्र बताते हैं।